बुधवार, 20 जुलाई 2011

जुनून

ज़िन्दगी जीने के लिए एक जुनून होना चाहिए
आसमान से तारे तोड़ने का फितूर होने चाहिए

छोटी छोटी ख्वाहिशों के साथ बहुत ज़रूरी है
आँखों में बसा कोई बड़ा ख्वाब होना चाहिए

मेहनत के फल मीठे होंगे, बस इतना ख्याल रहे
उसमें पसीने की महक और खून का रंग होने चाहिए

हार जीत का फ़ैसला तो बहुत बाद में होता है
पहले खेल को सीखने की कोशिश होना चाहिए

आंधियों की ज़िद में कभी घोसला टूट भी जाए अगर
नए पेड़ पर फ़िर तिनके जोड़ने का हौसला होना चाहिए

नामुमकिन में ही मुमकिन छुपा है हमेशा से
सिर्फ़ इरादा पक्का और जोश बुलंद होना चाहिए

कौन क्या कहता है इससे ज़्यादा फर्क नहीं पड़ता
बस अपना ईमान और अपनी नीयत साफ़ होना चाहिए

मंजिल की तलाश में मिल रहे सायों का साथ याद रहे
बरसों बाद भी क़दमों के निशाँ उनसे जुड़े होना चाहिए

कहीं और तेरा नाम आए की न आए "राजीव"
दीवानों की महफिल में तेरा ज़िक्र ज़रूर होना चाहिए

4 टिप्‍पणियां:

  1. ज़िन्दगी जीने के लिए एक जुनून होना चाहिए
    आसमान से तारे तोड़ने का फितूर होने चाहिए

    मेहनत के फल मीठे होंगे, बस इतना ख्याल रहे
    उसमें पसीने की महक और खून का रंग होने चाहिए

    कहीं और तेरा नाम आए की न आए "राजीव"
    दीवानों के महफिल में तेरा ज़िक्र ज़रूर होना चाहिए

    loved this bit... bahot badhiya :-)

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  2. bahut samay ke baad kuch yahan likha hai,bas itna hi kahungi...
    AMEN!!!!

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  3. JEENE KA NAYA ANDAZ, NAYA TARIKA, NAYI WAJAH, NAYA MAQSAD, NAYE UMEED, NAYA KARAN.

    WELL WRITTEN

    RAJESH MITAL

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  4. Too good Rajeev...!
    do visit my blog www.mehfil-e-yaar.blogspot.com
    cheers!
    Sandeep Vyas.

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